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अष्टप्रभावक आचार्य श्री नरेन्द्रसूरीश्वरजी 'नवल'

अष्टप्रभावक प.पू. आचार्य श्रीमद् विजय नरेन्द्रसूरिश्वर जी महाराज साहब "नवल" के आशीर्वाद और उनकी जनकल्याणकारी विचारधारा से प्रेरित होकर मानवता की सेवा में संलग्न  वैद्यराज सेवा  फाउंडेशन, (योग, औषधि , शिक्षा और चिकित्सा ) पालीताना जैसी पावन धरा पर सभी सेवाओं को निःशुल्क करने का संकल्प "सेवा परमो धर्म:" के सिद्धांत 
का पथ प्रदान  किया  जहा  योग, औषधि, शिक्षा और चिकित्सा के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने का  विचार और दिशा-निर्देश दिया गया ,
औषधि और चिकित्सा: "स्वस्थ समाज, सशक्त समाज"आयुर्वेद को प्राथमिकता: पूज्य महाराज साहब की विचारधारा प्राकृतिक चिकित्सा पर बल देती है। स्थानीय जड़ी-बूटियों और आयुर्वेद के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचने को प्रेरित करती है ,प.पू. आचार्य श्रीमद् विजय नरेन्द्रसूरिश्वर जी महाराज साहब "नवल" के महान आदर्शों में से  एक ऐसे स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करना, जहाँ जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, भारत के हर जरूरतमंद नागरिक को योग, शुद्ध औषधि, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निःशुल्क चिकित्सा सुलभ हो। हमारा लक्ष्य मानवता की सेवा को ही ईश्वर की सच्ची भक्ति बनाना है।"
निःशुल्क चिकित्सा  पालीताना और देश के अन्य क्षेत्रों में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को बिना किसी शुल्क के हर गरीब और असहाय व्यक्ति तक पहुँचाना।
योग और शुद्धि योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और समाज को मिलावट मुक्त (शुद्ध) आहार व औषधि के प्रति जागरूक करना।
 स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी सहायता प्रदान करना ताकि आने वाली पीढ़ी आत्मनिर्भर और संस्कारवान बन सके।
महाराज साहब के "नवल" संदेश को जन-जन तक पहुँचाते हुए निस्वार्थ सेवा भाव से सामुदायिक विकास के कार्य करना।
जहाँ करुणा का भाव और गुरु का आशीर्वाद होता है, वहाँ हर संकल्प सिद्धि की ओर अग्रसर होता है।"

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