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जैनाचार्य जिनेन्द्रप्रभ सूरीश्वर जलज

परम पूज्य जैनाचार्य श्री जिनेन्द्रप्रभ सूरीश्वर जी महाराज ‘जलज’ की पावन प्रेरणा से पल्लवित वैद्यराज सेवा फाउंडेशन  मानवता की सेवा में समर्पित एक अनुष्ठानआदरणीय जैनाचार्य श्रीमद् जिनेन्द्रप्रभ सूरीश्वर जी ‘जलज’ के आध्यात्मिक मार्गदर्शन और जनकल्याणकारी विजन के अनुरूप, वैद्यराज सेवा फाउंडेशन ‘सेवा परमो धर्म:’ के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज के उत्थान हेतु कटिबद्ध है। पालीताना की पावन भूमि से अंकुरित यह परोपकारी अभियान समाज के वंचित वर्गों को उत्तम स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों से लाभान्वित करने का एक पावन संकल्प है।संस्था की आधारशिला  सेवा ही हमारी साधना है उपचार के साथ समग्र कल्याण हमारा ध्येय है  हम एक परिवार के रूप में मानवता की सेवा करते हैं शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का समन्वय हमारा लक्ष्य है सेवा के प्रमुख आयाम योग एवं सात्विक जीवन शैली मानव जीवन को तनावमुक्त और संतुलित बनाने हेतु योग, प्राणायाम एवं ध्यान पद्धति का प्रसार।आयुर्वेद एवं प्राकृतिक आरोग्यप्राचीन भारतीय जड़ी-बूटियों, पंचकर्म और शोधन चिकित्सा के माध्यम से सुरक्षित एवं दुष्प्रभाव रहित स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना।निःशुल्क चिकित्सा सहायताअत्याधुनिक सुविधाओं के माध्यम से निर्धन एवं असहाय व्यक्तियों को पूर्णतः निःशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार।शिक्षा एवं मूल्य संवर्धनमेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहायता प्रदान कर उन्हें नैतिक मूल्यों से संपन्न और आत्मनिर्भर बनाना।विशिष्ट सेवा प्रकल्प• चलंत चिकित्सा व्यसनमुक्ति एवं परामर्श कार्यक्रम• मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा• पोषण और स्वच्छता जन-जागरूकता अभियान हमारा ध्येय एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण जहाँ प्रत्येक नागरिक स्वस्थ हो, प्रत्येक परिवार ज्ञानवान हो और समाज का प्रत्येक वर्ग संस्कारों से परिपूर्ण हो।प्रेरणा स्रोतप.पू. जैनाचार्य श्रीमद् जिनेन्द्रप्रभ सूरीश्वर जी महाराज के अनुसार— “मानव मात्र की निस्वार्थ सेवा ही प्रभु की सच्ची आराधना है।”मार्गदर्शक दिव्य संदेश“करुणा और सेवा भावना के साथ जब गुरु का आशीर्वाद सम्मिलित होता है, तो प्रत्येक संकल्प सिद्धि को प्राप्त होता है।:“सेवा से संस्कार, संस्कार से समर्थ समाज”“स्वस्थ शरीर, शांत मन, प्रबुद्ध आत्मा”

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